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कौन योग्‍य हैं

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● यात्री आचरण और अनुशासन क्लिक करें

● यात्रा के लिए चिकित्सीय परीक्षण क्लिक करें

● संदर्भित भारतीय पर्वतारोहण फ़ाउंडेशन परिपत्र क्लिक करें

● सरकारी अधिकारियों के लिए विशेष अवकाश पर डीओपीटी परिपत्र क्लिक करें

●  हाथ लिखा हुआ पासपोर्ट का विच्छेदन क्लिक करें

क.    तीर्थयात्री भारतीय नागरिक होना चाहिए।
ख.    उसके पास चालू वर्ष के 01 सितंबर को कम से कम 6 महीने की शेष वैधता अवधि वाला भारतीय पासपोर्ट होना चाहिए।
ग.    उसकी आयु चालू वर्ष की 01 जनवरी को कम से कम 18 और अधिक से अधिक 70 वर्ष होनी चाहिए।
घ.    उसका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 25 या उससे कम होना चाहिए।
ड़.    धार्मिक प्रयोजनार्थ यात्रा करने के लिए उसे शारीरिक रूप से स्वस्थ और चिकित्सा की दृष्टि से उपयुक्त होना चाहिए।
च.    विदेशी नागरिक आवेदन करने के पात्र नहीं हैं; अतः ओसीआई कार्डधारी पात्र नहीं हैं।

शर्तेँ- आवेदक यात्रा के लिए आवेदन करने से पूर्व निम्नलिखित शर्तों को ध्यानपूर्वक नोट करेः

(क) अधूरे आवेदनों को रद्द किया जा सकता है और उन्हें कम्प्यूटरीकृत ड्रॉ में शामिल नहीं किया जाएगा।
(ख) आवेदन में गलत अथवा असत्य सूचना यात्रा के दौरान तथा यात्रा के किसी भी चरण में अयोग्यता का आधार होगी।
(ग) यह आवेदक की जिम्मेदारी है कि वह नाम की वर्तनी, जन्मतिथि इत्यादि सहित हर तरह से पूर्ण और सही सूचना दे। (घ) आवेदक को उच्च रक्तचाप, मधुमेह, दमा, हृदय रोग, मिरगी इत्यादि रोगों से पीड़ित नहीं होना चाहिए।
(ड़) चुने गए आवेदकों को उच्च तुंगता सहनशीलता जाँच के लिए दिल्ली में दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट और आईटीबीपी बेस अस्पताल द्वारा आयोजित विशिष्ट चिकित्सा जाँच करानी होगी और उसमें सफल होना होगा।
(च) किसी भी यात्री को किसी भी चरण में उच्च तुंगता सहनशीलता जाँच चिकित्सा की दृष्टि से अनुपयुक्त पाये जाने पर यात्रा जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। [दिल्ली हार्ट एंड लंग इंस्टीट्यूट(डीएचएलआई) द्वारा की जाने वाली चिकित्सा जाँचों के लिए कृपया चिकित्सा जाँच देखें]।
(छ) किसी भी यात्री को यात्रा के किसी भी चरण में चिकित्सा और/अथवा अन्य आधार पर अयोग्य पाये जाने पर उसकी पुष्टि धनराशि और पहले किये गये अन्य भुगतान जब्त कर लिए जाएंगे।
(ज) यदि कोई चयनित यात्री निर्धारित यात्रा कार्यक्रम के अनुसार अपने समूह में शामिल नहीं हो पाता है तब भी यात्रा जत्थे निर्धारित तारीखों को ही रवाना होंगे।
(झ) पहली बार जाने वाले आवेदकों को उन आवेदकों की अपेक्षा वरीयता दी जाएगी जो इस मंत्रालय द्वारा पिछले किसी भी वर्ष आयोजित की गई यात्रा में जा चुके हैं।
(ञ)उन आवेदकों के मामले में स्थगन होगा, जो इस मंत्रालय द्वारा आयोजित इस यात्रा में पिछले वर्षों में 4 बार से भी अधिक जा चुके हैं। इस मंत्रालय में सक्षम प्राधिकारी का निर्णय अंतिम होगा और इस बारे में किसी भी अभ्यावेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
(ठ) जिन आवेदकों पर ऐसा कोई कानूनी अथवा प्रशासकीय प्रतिबंध लगा हुआ है जो उस व्यक्ति को विदेश यात्रा से वंचित करता है वह इस यात्रा के लिए आवेदन करने के पात्र नहीं होंगे।

यात्री आचरण और अनुशासन को देखने के लिए क्लिक करें

विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित कैलाश मानसरोवर यात्रा धार्मिक उद्देश्य के लिए है; और इस यात्रा के लिए चयनित आवेदक को ‘यात्री’ कहा जाएगा । सभी यात्रियों से आशा की जाती है कि वो एक तीर्थ यात्री का आचरण बनाए रखें; तथा शील, भक्ति के बुनियादी सिद्धांतों का पालन करे; एवं अपने बैच के सह-यात्रियों के संग सदभाव बनाए रखने में सहयोग करें। यात्री द्वारा अनुशासनहीनता, जिसमें स्वयं या सह-यात्रियों की सुरक्षा को ख़तरे में डालना, निर्धारित कार्यक्रम से जान-बूझकर विचलन; यात्री गाइड में उल्लेखित और / अथवा संबन्धित संपर्क अधिकारी और / अथवा स्थानीय प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन; और / अथवा राष्ट्र के अहित में किया गया कोई भी अनुचित गतिविधि इत्यादि के लिए अनुशासन समिति द्वारा निर्धारित दंड के पात्र होंगे।

विदेश मंत्री के निर्देशानुसार इस उद्देश्य के लिए गठित ‘अनुशासन समिति’ में, निम्नलिखित अधिकारी शामिल होंगे:
निदेशक ( पूर्व एशिया)
विदेश मंत्रालय

उप सचिव / अवर सचिव
(सतर्कता / निरीक्षण ), विदेश मंत्रालय

ITBP के अधिकारी
(ITBP द्वारा नामांकित)

भूतपूर्व संपर्क अधिकारी
(मंत्रालय द्वारा नामांकित)

सम्बंधित यात्री को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किए गए मामले में यात्री को बचाव हेतु लिखित रूप में जबाबदेही देने का अवसर होगा। यात्री की लिखित प्रस्तुति पर ‘अनुशासनात्मक समिति’ विचार करेगी, और अनुशासनहीनता के कृत्यों के लिए जिम्मेदार यात्री के लिए उचित दंड का निर्णय करेगी। अनुशासन समिति के निर्णय प्रक्रिया के पूरा होने पर इसकी सूचना / जानकारी सम्बंधित यात्री को दी जाएगी। यदि यात्री अनुशासन समिति के निर्णय से व्यथित है तो वह अनुशासनात्मक समिति द्वारा निर्णय के प्राप्ति से 30 दिनों के अंदर विदेश मंत्रालय के अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील दायर कर सकते हैं।

समिति द्वारा दंड का निर्णय तथ्यों के आधार पर किया जाएगा जिसमें कानून के तहत संबंधित अन्य प्राधिकरण द्वारा कानूनी कार्रवाई के अलावा; यात्रा-समाप्ति प्रमाण पत्र की रोक, भविष्य में विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित यात्रा में भागीदारी पर प्रतिबंध, राज्य सरकार को संबन्धित यात्री की यात्रा से संबन्धित सहायता पर रोक लगाने की सिफारिश आदि हो सकते हैं।

अनुशासन समिति द्वारा लगाए गए दंड की समीक्षा के लिए, संक्षिप्त विवरण देते हुए स्पष्ट रूप से विचारयोग्य आधार पर एक उल्लेख अपील आवेदन किया जा सकता है। अपील आवेदन केवल निम्न अधिकारी को सम्बोधित किया जाना चाहिए:

संयुक्त सचिव ( पूर्व एशिया)
विदेश मंत्रालय
कक्ष 174, साउथ ब्लॉक,
नई दिल्ली 110011

अपीलीय प्राधिकारी उचित समय सीमा में पीड़ित यात्री की अपील पर विचार करेंगे, और अपीलीय प्राधिकारी के निर्णय से यात्री को लिखित रूप में अवगत करा दिया जाएगा। इस मामले में अपीलीय प्राधिकारी का निर्णय अंतिम होगा।