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कैलाश मानसरोवर यात्रा

विदेश मंत्रालय प्रत्येक वर्ष जून से सितंबर के दौरान दो अलग-अलग मार्गों- लिपुलेख दर्रा (उत्तराखण्ड), और नाथु-ला दर्रा (सिक्किम) से कैलाश यात्रा का आयोजन करता है। कैलाश मानसरोवर की यात्रा (केएमवाई) अपने धार्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक महत्व के कारण जानी जाती है। हर साल सैकड़ों यात्री इस तीर्थ यात्रा पर जाते हैं। भगवान शिव के निवास के रूप में हिन्दुओं के लिए महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ यह जैन और बौद्ध धर्म के लोगों के लिए भी धार्मिक महत्व रखता है। यह यात्रा उन पात्र भारतीय नागरिकों के लिए खुली है जो वैध भारतीय पासपोर्टधारक हों और धार्मिक प्रयोजन से कैलाश मानसरोवर जाना चाहते हैं। विदेश मंत्रालय यात्रियों को किसी भी प्रकार की आर्थिक इमदाद अथवा वित्तीय सहायता प्रदान नहीं करता। और पढ़ें

चयन प्रक्रिया


कम्प्यूटरीकृत चयन के बाद चुने गए आवेदकों को अपने पंजीकृत ईमेल आईडी / मोबाइल नंबर पर स्वचालित संदेश के माध्यम से सूचित किया जाएगा ।
आईवीआरएस हेल्पलाइन 011-24300655 के माध्यम से स्टेटस अपडेट का भी उपयोग किया जा सकता है।

मार्ग 1

लिपुलेख पास
(उत्तराखंड)

कुल बैचों की संख्या: 18
अवधि: लगभग 24 दिन
अनुमानित लागत प्रति व्यक्ति: रु .1.6 लाख
प्रत्येक बैच के लिए यात्रा कार्यक्रम देखने के लिए -क्लिक करें
यात्रियों के लिए सूचना गाइड डाउनलोड करें
मानचित्र को ज़ूम इन एंड ज़ूम आउट करने के लिए पिक्चर क्लिक कीजिये ।

गैलरी

संपर्क

kmyatra[at]mea[dot]gov[dot]in
हेल्पलाइन नंबर:
011-24300655
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